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Samastipur News: जनता दरबार में 11 मामलों की सुनवाई, भूमि विवाद सबसे ज्यादा, डीएम ने त्वरित कार्रवाई के दिए निर्देश

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समस्तीपुर में आयोजित जनता दरबार में 11 मामलों की सुनवाई हुई, जिसमें सबसे अधिक शिकायतें भूमि विवाद से जुड़ी रहीं। डीएम रोशन कुशवाहा ने त्वरित निपटारे के निर्देश दिए।

समस्तीपुर/आलम की खबर:समस्तीपुर जिले में आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से सोमवार को समाहरणालय परिसर में जनता दरबार का आयोजन किया गया, जहां जिलाधिकारी Roshan Kushwaha ने खुद उपस्थित होकर फरियादियों की शिकायतें सुनीं। ‘जन संवाद कार्यक्रम’ के तहत आयोजित इस बैठक में जिले के अलग-अलग प्रखंडों से आए लोगों ने अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के सामने रखीं और समाधान की उम्मीद जताई।

इस जनता दरबार में कुल 11 मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें सबसे अधिक शिकायतें राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से संबंधित थीं। जमीन की मापी, दाखिल-खारिज की प्रक्रिया में देरी और भूमि विवाद से जुड़े मुद्दे प्रमुख रूप से सामने आए। यह स्थिति दर्शाती है कि जिले में भूमि संबंधी मामलों का समाधान अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है और आम लोगों को इन समस्याओं के कारण लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इसके अलावा आपूर्ति विभाग से जुड़े दो मामलों में राशन वितरण और उससे संबंधित समस्याओं की शिकायत की गई। वहीं, ICDS से जुड़े दो मामलों में आंगनबाड़ी सेवाओं और योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठाए गए। एक मामला लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) से संबंधित था, जिसमें नल-जल योजना के तहत पानी की आपूर्ति को लेकर शिकायत सामने आई। इसके अतिरिक्त एक आवेदन थाना स्तर पर आयोजित होने वाली नियमित बैठकों के प्रभावी संचालन से जुड़ा हुआ था।

जिलाधिकारी Roshan Kushwaha ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए एक-एक फरियादी की समस्या को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी शिकायतों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और किसी भी मामले को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक मामले में की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाए, ताकि उसकी समीक्षा की जा सके।

बैठक के दौरान अपर समाहर्ता, कार्यपालक अभियंता (PHED), जिला आपूर्ति पदाधिकारी और जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (ICDS) सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद थे। जिलाधिकारी ने इन सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि वे अपने-अपने विभागों से जुड़े मामलों का समयबद्ध निपटारा करें और जनता को अनावश्यक दौड़-भाग से बचाएं।

भूमि विवादों के मामलों को लेकर जिलाधिकारी ने विशेष चिंता जताई और कहा कि ऐसे मामलों के समाधान के लिए थाना स्तर पर प्रत्येक शनिवार को आयोजित होने वाली बैठकों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। उनका मानना है कि यदि छोटे-छोटे विवादों का समाधान स्थानीय स्तर पर ही कर लिया जाए, तो बड़े विवादों से बचा जा सकता है और लोगों को राहत मिल सकती है।

जनता दरबार के दौरान कई फरियादियों ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन का आभार भी जताया। कुछ मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश देकर त्वरित कार्रवाई शुरू कराई गई, जिससे लोगों में प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ। यह पहल प्रशासन और आम जनता के बीच संवाद को बेहतर बनाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनती जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जनता दरबार जैसे कार्यक्रम प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और संवेदनशील बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे न केवल लोगों को अपनी बात रखने का मंच मिलता है, बल्कि अधिकारियों को भी जमीनी स्तर की समस्याओं को समझने का अवसर मिलता है।

समस्तीपुर में इस तरह के कार्यक्रमों के नियमित आयोजन से यह संकेत मिलता है कि जिला प्रशासन जनता की समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर है। आने वाले समय में भी इस तरह के आयोजन जारी रहने की संभावना है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली में और सुधार देखने को मिल सकता है।

जिलाधिकारी ने अंत में यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी भी विभाग में लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ अपने कार्यों का निर्वहन करें, ताकि आम जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकें।

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